February 09, 2013
January 18, 2013
नज़र
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
तुम जो इज्ज़त हो
तुम जो लाज हो
तुम जो कमज़ोर हो
तुम जो लड़की हो
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
तुम जो बेटी हो
तुम जो बहन हो
तुम जो अर्धांगिनी हो
तुम जो सम्पति हो
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
तुम कहीं छूट न जाओ
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
तुम जो इज्ज़त हो
तुम जो लाज हो
तुम जो कमज़ोर हो
तुम जो लड़की हो
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
तुम जो बेटी हो
तुम जो बहन हो
तुम जो अर्धांगिनी हो
तुम जो सम्पति हो
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
तुम कहीं छूट न जाओ
तुम कहीं निकल न जाओ
तुम कहीं घूमने न लग जाओ
तुम कहीं बोलने न लग जाओ
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
तुम कहीं जानने न लग जाओ
तुम कही सपने न बुनने लग जाओ
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
तुम कहीं जानने न लग जाओ
तुम कही सपने न बुनने लग जाओ
तुम कहीं बगावत न करने लग जाओ
तुम कहीं मुक्त न हो जाओ
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
तुम कहीं उनको सवाल न पूछने लग जाओ
तुम कहीं सब कुछ समझने न लग जाओ
तुम कहीं उन पर न हावी हो जाओ
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
तुम कहीं उनको सवाल न पूछने लग जाओ
तुम कहीं सब कुछ समझने न लग जाओ
तुम कहीं उन पर न हावी हो जाओ
तुम कहीं अपनी दुनिया न बनाने लग जाओ
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
तुम कहीं खुद पर भरोसा न करने लग जाओ
तुम कहीं मनकी न करने लग जाओ
तुम कहीं बराबरी की न सोचने लग जाओ
तुम कहीं खुद को इंसान न समझने लग जाओ
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
परिवार समाज
कंपनी बाज़ार
मीडिया व्यापार
देश सरकार
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
तुम कहीं खुद पर भरोसा न करने लग जाओ
तुम कहीं मनकी न करने लग जाओ
तुम कहीं बराबरी की न सोचने लग जाओ
तुम कहीं खुद को इंसान न समझने लग जाओ
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
परिवार समाज
कंपनी बाज़ार
मीडिया व्यापार
देश सरकार
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है
December 27, 2012
December 20, 2012
November 24, 2012
कुछ लोग बाज़ नहीं आते
हर बार अलग निकल जाते
कुछ करने को चाहते
कुछ लोग बाज़ नहीं आते
नए सपने बुनते
भूले रास्ते ढूँढ़ते
कुछ लोग बिलकुल बाज़ नहीं आते
मुश्किल सवाल पूछते
नए अर्थ तलाशते
कुछ लोग बाज़ नहीं आते
बना बनाया छोड़ते
नियमो को तोड़ते
सच में कुछ लोग बाज़ नहीं आते
दुनिया की नज़रों में
दीवाने कहलाते
फिर भी कुछ लोग बाज़ नहीं आते
घर परिवार समाज उमीदे
इन सब से दूर निकल जाते
कुछ लोग कभी बाज़ नहीं आते
हर दम मन की करने
की हिम्मत कैसे जुटा पाते
कुछ लोग बाज़ नहीं आते
हर बार अलग निकल जाते
कुछ करने को चाहते
कुछ लोग बाज़ नहीं आते
नए सपने बुनते
भूले रास्ते ढूँढ़ते
कुछ लोग बिलकुल बाज़ नहीं आते
मुश्किल सवाल पूछते
नए अर्थ तलाशते
कुछ लोग बाज़ नहीं आते
बना बनाया छोड़ते
नियमो को तोड़ते
सच में कुछ लोग बाज़ नहीं आते
दुनिया की नज़रों में
दीवाने कहलाते
फिर भी कुछ लोग बाज़ नहीं आते
घर परिवार समाज उमीदे
इन सब से दूर निकल जाते
कुछ लोग कभी बाज़ नहीं आते
हर दम मन की करने
की हिम्मत कैसे जुटा पाते
कुछ लोग बाज़ नहीं आते
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