June 21, 2013




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 Once upon a time
People believed that earth was flat



Until when a person said, “the earth is round”

Many laughed, most were indifferent, some confused and a few refused



It was a long struggle, required a lot of patience and conviction

The person continued to say, “Earth is round” despite all odds



Today ALL of us believe that earth is round

What if some one comes up something new?

June 15, 2013

कुछ नया होगा
ज़िन्दगी करवट लेगी

कई सीढ़ी पार हुई
एक और होगी

अपनों का साथ
और अपना विश्वास

इनका इम्तेहां होगा
सपने पूरे होंगे

June 12, 2013

हर बार संघर्ष
बार बार संघर्ष
क्यों 
खरा उतरने की कसौटी
हर बार ये कसौटी
क्यों
कुछ का साथ ये कभी न छोड़े
कुछ को कभी दूर से भी न छुएं
क्यों
खरा उतरने की कसौटी
हर बार ये कसौटी
क्यों
हर बार संघर्ष
बार बार संघर्ष
क्यों

June 01, 2013

दम पर दम यु पाई पाई सा जीना
फिर ज़िन्दगी ने एक करवट लेना

दर्द और शिशोपंज का रास्ता
और मंज़र का तय होना

कई बार का डगमगाना
पर हार कभी न मानना

जैसे कड़ी धूप के मौसम में
बारिश का इंतज़ार होना

March 11, 2013

एक घर, एक टिल्ला, एक समाज
 

राजस्थान के एक जिल्ला में जाने का मौका हुआ।

शहर से दूर जहाँ कोई जाना नहीं चाहता
उस जगह पर एक टिल्ले पर एक परिवार का एक घर है।

हर घर मट्टी का, हर घर की दिशा ऐसी की बहार आते ही सब कुछ खुला और साफ़ दिखाई दे
दूर दूर तक बस टिल्ले और उन पर घर और खुला आसमान।

एक घर से दुसरे घर जाने के लिए टिल्ले पार करने, पैदल
न कोई गाड़ी, न साइकिल और न ही बैलगाड़ी का काम।

हर टिल्ले पर छोटी सी सीधी ज़मीन पर या फिर ढलान या कहीं कुछ छोटा सा बांध बनाकर
हर कोई अपने ज़रुरत का खाना उगता।

और अगर हम जैसे लोग कहीं वहां पहुच जाये तो ख़ुशी ख़ुशी फल बाँट भी लेते
किसके टिल्ले पर है, किसने उगाया है इससे क्या फरक पड़ता है
मानो जैसे सब कुछ सबके लिए हो।

और

उन्हें सीखाने पहुचते है, कुछ बाबु
स्कूल, सर्टिफिकेट, कोट, सूट पहने
सब जानते, सबकुछ समझाते
विकास की गाड़ी में
इन "पिछड़े" समाज को भी खीचना चाहते
उन्हें अपने जैसा बनाना चाहते