February 17, 2013


परिवार
समाज
सरकार
व्यक्ति
या फिर
बाज़ार

कौन तय करता है?

February 09, 2013

मिटटी

 

कई सालों बाद फिर मिटटी को छुआ

उसकी खुसबू ली और उस पर चला है 


जाने ये कैसा रिश्ता है जो न होने पर सताता है

और हर बार लौटकर आता है


कई सालों तक ये रिश्ता बस कुछ पल का एहसास रहा

कभी कभी की लुत्फ़ का सिलसिला चलता रहे 


मिटटी का साथ अब फिर बनने को है

खोया हुआ एक नया रिश्ता फिर उभरने को है

January 18, 2013

नज़र

हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है

तुम जो इज्ज़त हो
तुम जो लाज हो
तुम जो कमज़ोर हो
तुम जो लड़की हो

हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है

तुम जो बेटी हो
तुम जो बहन हो
तुम जो अर्धांगिनी हो
तुम जो सम्पति हो

हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है


तुम कहीं छूट न जाओ
 तुम कहीं निकल न जाओ
तुम कहीं घूमने न लग जाओ
तुम कहीं बोलने न लग जाओ
हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है

तुम कहीं जानने न लग जाओ 

तुम कही सपने न बुनने लग जाओ
तुम कहीं बगावत न करने लग जाओ
तुम कहीं मुक्त न हो जाओ

हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है


तुम कहीं उनको सवाल न पूछने लग जाओ
तुम कहीं सब कुछ समझने न लग जाओ
तुम कहीं उन पर न हावी हो जाओ 
तुम कहीं अपनी दुनिया न बनाने लग जाओ

हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है

तुम कहीं खुद पर भरोसा न करने लग जाओ
तुम कहीं मनकी न करने लग जाओ
तुम कहीं बराबरी की न सोचने लग जाओ
तुम कहीं खुद को इंसान न समझने लग जाओ

हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है

परिवार समाज
कंपनी बाज़ार
मीडिया व्यापार
देश सरकार

हर कोई तुम पर नज़र रखता है
हर कोई हर दम नज़र रखता है

December 27, 2012

जवाब तो देना होगा

इस दौड़ में होने का
अपनों को पीछे छोड़ने का

जवाब तो देना होगा

खुले माहौल के सिकुड़ने का
आपस के विश्वास खोने का

जवाब तो देना होगा

सब कुछ को जागीर समझने का
अपने आप में बेखुद खोने का

जवाब तो देना होगा

इन बदलते हालात का
इस भीड़ बनते इंसान का

जवाब तो देना होगा

December 20, 2012



एक कार्यशाला
पांच दिन
तेईस लोग
अठरा महिलाएं

नयी पहचान
पुराने सवाल
वही संघर्ष
साथ साथ

हसना गाना
रोना छेड़ना
दिल के दर्द
ज़िन्दगी के पल

हार न मानना
जिंदा रहना
उमंग उम्मीद
से कदम बढ़ाना

रास्ता निकलना
थक न जाना
लड़ते रहना
हार न कहना

जीने की इच्छा
खुद पर विश्वास
क्या कहना क्या कहना
सलाम बहना सलाम बहना